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Sunday, September 13, 2026
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Chandauli news- बाबा कीनाराम जन्मोत्सव की विदाई में नागा संन्यासियों के धुएं के बीच हुआ नृत्य-गान

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली
चहनियां। घोरे के घोर अघोराचार्य बाबा कीनाराम की जन्मस्थली एवं तपस्थली रामगढ़ में तीन दिवसीय जन्मोत्सव कार्यक्रम के समापन के बाद रविवार को विदाई का अद्भुत एवं आध्यात्मिक नजारा देखने को मिला। अघोर पंथ एवं वैष्णवी परंपरा के साधु-संतों ने बाबा कीनाराम का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद संतों को भोजन कराकर अंगवस्त्र एवं दक्षिणा भेंट कर सम्मानपूर्वक उनके गंतव्य के लिए विदा किया गया।

विदाई के दौरान बाबा कीनाराम की जय, बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की जय तथा हर-हर महादेव के गगनभेदी उद्घोष से पूरा रामगढ़ क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। साधु-संतों के चेहरे पर आध्यात्मिक आनंद और श्रद्धा का भाव स्पष्ट दिखाई दे रहा था।

धुएं के बीच घंटों चला नृत्य-गान

जन्मोत्सव के दौरान नागा संन्यासियों एवं अघोर पंथ से जुड़े साधु-संतों के बीच धूने की अग्नि के बीच नृत्य-गान का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। गाजे-बाजे और धूने के वातावरण में साधु-संत घंटों तक बाबा कीनाराम की भक्ति में लीन होकर नृत्य करते रहे। उनकी भक्ति और उल्लास को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा था, मानो स्वयं बाबा कीनाराम साधु-संतों के बीच उपस्थित होकर उनके साथ आनंद मना रहे हों।

चारों ओर बाबा कीनाराम और बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की जय के साथ हर-हर महादेव के उद्घोष होते रहे। पूरे मठ परिसर का वातावरण भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य जन्मोत्सव की सबसे विशेष झलकियों में से एक रहा।

मानव सेवा और जनकल्याण का दिया संदेश

कार्यक्रम के व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह ने कहा कि बाबा कीनाराम का आशीर्वाद समस्त जनमानस पर सदैव बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा। बाबा कीनाराम ने अपना पूरा जीवन दूसरों की भलाई और जनकल्याण के लिए समर्पित किया। उन्होंने समाज में ऊंच-नीच, छुआछूत अथवा किसी भी प्रकार के भेदभाव को स्थान नहीं दिया और मानव धर्म को सर्वोपरि रखते हुए सेवा का मार्ग अपनाया।

उन्होंने कहा कि बाबा कीनाराम ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी लोगों को प्रेरित किया और जीवनभर पेड़ों की रक्षा एवं प्रकृति के संरक्षण पर बल दिया। बाबा के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेकर उनके बताए मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

प्रसाद ग्रहण कर संतों ने लिया आशीर्वाद

बाबा कीनाराम का प्रसाद ग्रहण करने के बाद साधु-संतों ने स्वयं को धन्य माना। भोजन, अंगवस्त्र एवं दक्षिणा देकर संतों को सम्मानपूर्वक विदा किया गया। इसके बाद बाबा कीनाराम की जय, बाबा सिद्धार्थ गौतम राम की जय और हर-हर महादेव के उद्घोष के बीच अघोर पंथ एवं वैष्णवी परंपरा के साधु-संत अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गए।

इस दौरान केंद्र व्यवस्थापक मेजर अशोक सिंह, अरुण सिंह, प्रभुनारायण सिंह उर्फ लल्ला सिंह, प्रमोद सिंह, लालबहादुर सिंह, राजेश यादव, रुद्र प्रताप सिंह, इन्द्रेश कुमार, संगीता सिंह, भानू प्रताप सिंह, अमित, रूबी सिंह, धनंजय सिंह उर्फ धनजी, कुलदीप वर्मा, मिथिलेश सिंह, संतोष पटेल, अनिल पांडेय, बुज्जा पांडेय, दिनेश सोनकर, सुनील विश्वकर्मा, अशोक मौर्य, नंदू गुप्ता, संदीप पाटिल सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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