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Saturday, May 9, 2026
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रात में सिविल सेवा की तैयारी दिन में गांव की सफाई: ये है तेन्दुईपुर गांव में कर्मा चौहान की कहानी

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। शिक्षा वह दीपक है जों अंधेरे में भी रास्ता दिखाते है। कुछ ऐसा ही तेन्दुईपुर गांव के युवक कर्मा चौहान बीते दो सप्ताह से गांव में स्वच्छता अभियान में जुटा हुआ है। रात में सिविल सेवा की तैयारी करता है। युवक के इस पहल का आते जाते लोग के साथ गांव में चर्चा का विषय बना हुआ है।

तेन्दुईपुर गांव के निरंजन चौहान के तीन पुत्र कमल, कर्मा और संजीव दो बेटी आरती और बबीता है। कर्मा चौहान यूपी कॉलेज वाराणसी से इंटर तक शिक्षा लेने के बाद चंदौली से स्नातक की डिग्री हासिल किया है। इसके बाद रात में घर से दूर सिवान में मड़ई लगाकर सिविल सेवा की तैयारी करता है।

बीते दो सप्ताह से स्वच्छ और सुंदर गांव अभियान के तहत कर्मा चौहान ने हमारा  गांव हमारी जिम्मेदारी, गांव की स्वच्छता में एक प्रयास मेरा भी कुछ ऐसी ही सोच के साथ प्रतिदिन सुबह 11 बजे से 5 बजे तक गांव में बजबजा रही नालियो की साफ सफाई में जुटा हुआ है। युवक के इस सोच को अब गांव में लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पिता निरंजन माता पलामू देवी भाई कमल और संजीव बहन आरती व बबीता भी भाई के इस पहल का सराहना कर रहे है। पिता और भाई मीना बाजार में कपड़ा की दुकान लगाकर बेटे को सिविल सेवा की तैयारी भी करा रहे है। युवक कर्मा चौहान ने बताया कि सोच से क्रांति आती है। आने वाले दिनों में आसपास गांव की साफ सफाई अभियान चलाने की बात कही है। 

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