नई पंचायतों के गठन तक निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख संभालेंगे प्रशासन, नीतिगत निर्णय लेने पर रहेगी रोक
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुपालन में जनपद की सभी क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल 19 जुलाई 2026 को समाप्त होने के बाद जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार, 20 जुलाई 2026 से नई क्षेत्र पंचायतों के गठन एवं उनकी प्रथम बैठक आयोजित होने तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि के लिए संबंधित क्षेत्र पंचायतों के निवर्तमान ब्लॉक प्रमुखों को प्रशासक नामित किया गया है।
जिलाधिकारी द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत तथा जिला पंचायत अधिनियम, 1961 की धारा-8 के अंतर्गत यदि किसी कारणवश निर्धारित समय पर नई क्षेत्र पंचायतों का गठन नहीं हो पाता है, तो राज्य सरकार अथवा अधिकृत अधिकारी प्रशासनिक समिति अथवा प्रशासक नियुक्त कर सकता है। इसी प्रावधान के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है।
केवल नियमित प्रशासनिक कार्यों का होगा संचालन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नियुक्त प्रशासक केवल क्षेत्र पंचायत के सामान्य एवं नियमित (रूटीन) प्रशासनिक कार्यों का ही संचालन करेंगे। उन्हें किसी भी प्रकार के नीतिगत अथवा दीर्घकालिक प्रभाव वाले निर्णय लेने का अधिकार नहीं होगा।
नीतिगत मामलों में डीएम की अनुमति होगी अनिवार्य
यदि किसी विशेष अथवा अपरिहार्य परिस्थिति में नीतिगत निर्णय लेने की आवश्यकता उत्पन्न होती है, तो संबंधित प्रस्ताव खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। जिलाधिकारी की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद ही उस पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
नई पंचायतों के गठन तक प्रभावी रहेगी व्यवस्था
आदेश के अनुसार यह व्यवस्था नई क्षेत्र पंचायतों की प्रथम बैठक आयोजित होने तक अथवा अधिकतम छह माह की अवधि तक प्रभावी रहेगी। नवगठित क्षेत्र पंचायतों के गठन के साथ ही नियुक्त प्रशासकों का कार्यकाल स्वतः समाप्त हो जाएगा।
जिलाधिकारी द्वारा जारी इस आदेश की प्रतिलिपि पंचायतीराज विभाग, मंडलायुक्त, निदेशक पंचायतीराज, मुख्य विकास अधिकारी, उपनिदेशक पंचायतीराज तथा जनपद के सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए प्रेषित कर दी गई है।



