परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। ग्रामीण उपकेंद्र से जुड़े गांवों में रात में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीण परेशान हैं। इससे उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही है और लोग ठीक से सो नहीं पा रहे हैं। गुरुवार को अमावल सहित अन्य गांव के नाराज ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी की। रात्रि में बिजली की मनमानी कटौती पर रोक लगाये जाने की मांग किया है।
सकलडीहा ग्रामीण उपकेंद्र से कुल पांच फीडर – सकलडीहा सेकेंड, कुछमन, नोनार, कमालपुर और चहनिया – संचालित होते हैं। इन फीडरों से सैकड़ों गांवों की लाखों की आबादी को बिजली मिलती है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो सप्ताह से रात में बिजली की अनियमित कटौती की जा रही है। जबकि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा करती है। वर्तमान में केवल 9 से 10 घंटे ही आपूर्ति मिल रही है। रात के समय तो 5-5 मिनट बिजली देकर 3-3 घंटे तक कटौती की जाती है।
भीषण गर्मी में रात में बिजली न मिलने से ग्रामीण बेहद परेशान हैं। दिनभर काम करने के बाद वे सो नहीं पा रहे हैं, जिससे मरीजों, महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष कठिनाई हो रही है। मच्छरों के प्रकोप से मलेरिया और टाइफाइड जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। गर्मी से राहत देने वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण केवल शोपीस बनकर रह गए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि रात में बिजली आपूर्ति सुचारु नहीं की गई तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इस बाबत एक्सईएन नरेश कुमार ने बताया कि यह कटौती ट्रांसमिशन स्तर से की जा रही है। उन्होंने जल्द ही इसमें सुधार होने की उम्मीद जताई।
विरोध जताने वालों में अनिल सिंह, श्यामसुंदर सिंह, राकेश सिंह, बबलू सिंह, लड्डू सिंह, बहादुर वनवासी, बाबूलाल वनवासी, मुन्नर वनवासी, लाची वनवासी रहे।


