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Saturday, May 9, 2026
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बीस लाख का भेजी फर्जी विद्युत बिल, कम करने के लिए मांग रहे हैं मोटी रकम !

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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परिवर्तन टुडे डेस्क
वाराणसी। इन दिनों वाराणसी के शहर देहात ही नहीं बल्कि पूर्वांचल के कई जिलों में फर्जी विद्युत बिल की समस्या को लेकर स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। शिकायत दर शिकायत के बाद बिजली बिल संशोधन करने के नाम पर अधिकारियों की सह पर बाबू लोग धन उगाही करने में मशगूल हैं। वैसे चाहे जो कुछ भी हो पर बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक शंभू कुमार बिजली विभाग के हर कमियों को दूर करने के लिए हमेशा सख्त कदम उठाते रहते है। एमडी ने विभाग में व्याप्त गड़बड़ियों को सुधारने के लिए निचले स्तर के अधिकारियों तथा कर्मचारी की बराबर नकेल भी कसे हैं। एमडी के सख्त तेवर की वजह से बिजली व्यवस्था में बेहतर सुधार भी आ रहा है। इसके बावजूद भी निचले स्तर के अधिकारी व बाबू अपने मनमानियो से बाज नहीं आ रहे हैं।

इसी मामले में पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पाठक के नेतृत्व में दर्जनों पत्रकार सोमवार को पूर्वाह्न एमडी कार्यालय में पहुंचकर प्रबंध निदेशक शंभू कुमार की गैर मौजूदगी में विद्युत विभाग के मुख्य अभियंता प्रशासन अरविंद नायक एवं मुख्य अभियंता टेक्निकल राजेंद्र कुमार को पत्रक सौंप कर फर्जी बिल भेजने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग किया है। मुख्य अभियंताओं ने बताया कि मामले में शीघ्र जांच करा कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

बताते चले कि वाराणसी शहर के सारनाथ स्थित बरईपुर गांव निवासी एवं पत्रकार प्रेस क्लब के वाराणसी जिलाध्यक्ष पवन पांडेय अपनी मां सुशीला के नाम से अपने सिद्धार्थ होटल के लिए विद्युत कनेक्शन लिया है। आरोप है कि पूर्व में 40 से 50 हजार रुपए का बिल आता था। इसके बाद एक अप्रैल से एक मई तक 1,53,273 रुपया का बिल भेज दिया गया। शिकायत के बावजूद भी बिल में संशोधन नहीं हुआ,जिसके नाते पूरा पैसा विभाग में जमा करना पड़ा। इसके बाद मीटर खराब हो गया,जिसकी शिकायत मेरे द्वारा विभाग से की गई। शिकायत के बाद जो मुझे पुनः बिल भेजा गया वह 20.29.578 रुपये का था। पुनः इसकी शिकायत मेरे द्वारा तत्काल विभाग के जिम्मेदार लोगों से किया गया। शिकायत के बाद विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा जांच पड़ताल के बाद पुन: 3.22.855 रुपए का संशोधन गलत बिल मुझे भेजा गया। आरोप है कि इस मामले में जब मैं शिकायत किया तो बाबू बिल कम करने के लिए मोटी रकम की मांग करने लगा। मोटी रकम न देने पर धमकी भी दिए की शिकायत कही भी कर लीजिए मैं जो चाहूंगा वही होगा।

इसी तरीके से बरनी विद्युत उपकेंद्र से जुड़ा हुआ एक मामला खरगूपुर निवासी पत्रकार प्रेस क्लब के जिला सचिव जितेंद्र अग्रहरि का है,जिन्होंने वर्ष 2018 में बुनकारी के लिए विद्युत कनेक्शन लिया था,कोरोना काल में उनकी बुनकरी बंद हो गई, कनेक्शन विच्छेद करने के लिए उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को मौखिक तथा लिखित शिकायत किया,फिर भी कनेक्शन नहीं काटा गया और गलत तरीके से 84 हजार रुपए का बिल भेज दिया गया।

एमडी कार्यालय में पहुंचकर मुख्य अभियंताओं से मिलने वालों में प्रमुख रूप से पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम पाठक, पंकज चतुर्वेदी, आफताब आलम,डीपी त्रिपाठी, पवन पांडे,नीतीश वर्मा, घनश्याम सिंह यादव, कृष्णा पाठक, नवीन प्रधान, रामबाबू यादव,ऋषिकेश पांडे, जितेंद्र अग्रहरि,विवेक कुमार यादव, अजीत सिंह राजपूत, तनवीर अहमद, शशांक सिंह,कुलदीप सिंह,अनीश मिश्रा,अरुण मिश्रा,सुधीर उपाध्याय, विपिन पांडे, अरविंद प्रकाश गौतम, दीपक बारी,राहुल यादव, अभिनव पांडे, ऋषिकांत प्रजापति, राजेश सिंह, अमित कुमार, दिलीप प्रजापति सहित तमाम पत्रकार मौजूद रहे।

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