योजनाओं की प्रगति में ढिलाई पर कार्रवाई की चेतावनी, आंकड़े दर्ज करने में लापरवाही पर अपनाया जाएगा कठोर रुख
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में गुरुवार को सीएम डैशबोर्ड, आकांक्षात्मक विकासखंड एवं जनपद, सभी विभागों की एक पृष्ठीय रिपोर्ट, अनुशासनात्मक प्रकरण, आईजीआरएस, शून्य गरीबी अभियान, गोल्डन कार्ड तथा परिवार पहचान पत्र अभियान की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग में बी और सी श्रेणी आने तथा विभागों के डिफॉल्टर श्रेणी में जाने की आशंका पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागाध्यक्षों के प्रति कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा करने के साथ पोर्टल पर सही एवं अद्यतन आंकड़े दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
आंकड़े दर्ज करने में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस
जिलाधिकारी ने कहा कि योजनाओं की वास्तविक प्रगति तभी सामने आएगी, जब संबंधित विभाग समय से और सही आंकड़े पोर्टल पर दर्ज करेंगे। आंकड़े दर्ज करने में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी दी कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की कोताही पर जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने खराब प्रदर्शन वाले विभागों के विभागाध्यक्षों को अपने-अपने विभाग की प्रगति में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में अधिकारी पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
निर्माण कार्यों की धीमी गति पर अधिशासी अभियंता को फटकार
निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम पाए जाने पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। निर्माण कार्यों की धीमी गति पर फटकार लगाते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
समीक्षा में सामने आया कि चालू वित्तीय वर्ष में प्रांतीय खंड को आवंटित कई महत्वपूर्ण सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण कार्य निर्धारित समयसीमा के अनुरूप आगे नहीं बढ़ रहे हैं। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा निर्धारित समय में कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कार्यों की नियमित निगरानी करते हुए प्रगति में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर
बैठक में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुनवाई से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए।
आकांक्षात्मक विकासखंड एवं जनपद के निर्धारित मानकों में सुधार लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
शून्य गरीबी अभियान और परिवार पहचान पत्र की भी समीक्षा
शून्य गरीबी अभियान के तहत पात्र परिवारों को चिह्नित कर उन्हें शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि पात्र परिवारों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।
गोल्डन कार्ड एवं परिवार पहचान पत्र बनाने के अभियान में भी तेजी लाने को कहा गया, ताकि कोई पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सभी विभागों की एक पृष्ठीय रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
लंबित अनुशासनात्मक प्रकरणों को निर्धारित समय में निस्तारित करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि लंबित मामलों को अनावश्यक रूप से आगे न बढ़ाया जाए।
धरातल पर दिखना चाहिए योजनाओं का असर
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ कागजों तक सीमित न रहकर धरातल पर आम जनता तक पहुंचना चाहिए।
उन्होंने दो टूक कहा कि कार्यों में ढिलाई, आंकड़े अद्यतन करने में लापरवाही और कागजी खानापूर्ति करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। सभी अधिकारी अपने विभागीय दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करते हुए योजनाओं की प्रगति में अपेक्षित सुधार सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, मुख्य चिकित्साधिकारी, उपायुक्त मनरेगा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, उप कृषि निदेशक, अधिशासी अभियंता चंद्रप्रभा, लोक निर्माण विभाग एवं प्रांतीय खंड के अधिकारी, सामाजिक क्षेत्र से जुड़े अधिकारी तथा संबंधित विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।


