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Monday, March 23, 2026
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भारतीय संविधान विश्व का सबसे व्यापक और समावेशी संविधान है: प्राचार्य

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। संविधान दिवस के अवसर पर बुधवार को कस्बा स्थित सकलडीहा पीजी कॉलेज में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संविधान की मूल भावना, मूल्य एवं नागरिक दायित्वों के प्रति जागरूकता फैलाना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय ने की।

भारतीय संविधान विश्व का सबसे व्यापक और समावेशी संविधान है, जिसमें सभी वर्गों, जातियों, धर्मों और समुदायों के अधिकारों का संरक्षण किया गया है। उन्होंने छात्रों से संविधान के सिद्धांतों को व्यवहार में लाने का आह्वान किया।

प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पांडेय

कार्यक्रम की मुख्य वक्ता महाविद्यालय के उप्राचार्य डॉ. निधि सिंह यादव ने कहा कि संविधान केवल कानून की पुस्तक नहीं बल्कि नागरिक जीवन और राष्ट्र निर्माण की मार्गदर्शिका है। उन्होंने विशेष रूप से मौलिक अधिकारों और मौलिक कर्तव्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन प्रो. दयाशंकर सिंह यादव द्वारा किया गया, जिन्होंने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन करवाया और कार्यक्रम को सुव्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।

सबसे पहले संविधान की प्रस्तावना की प्रतिज्ञा ली गई है। कार्यक्रम में उपस्थित विभिन्न विद्वानों एवं अध्यापकों ने अपने विचार प्रकट किए, जिनमें मुख्य वक्तव्य प्रो.शमीम राइन ने कहा कि संविधान ही ऐसा तत्व है जो नागरिकों को सबसे पहले अधिकार देता है तब कर्तव्य की बात करता है। प्रो. विजेंद्र सिंह ने संविधान में प्रदत्त लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं शक्ति-विभाजन पर अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि लोकतंत्र तभी सफल होता है जब नागरिक जागरूक हों। प्रो. महेंद्र सिंह ने कहा कि भारतीय संविधान समानता और सामाजिक न्याय का सर्वोच्च दस्तावेज है, जिसे हर नागरिक को समझना चाहिए। डॉ. सीता मिश्रा ने महिलाओं के अधिकार, लैंगिक समानता और संविधान में प्रदत्त सुरक्षा प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान महिला सशक्तिकरण का मजबूत आधार है। डॉ. वंदना ने कहा कि संविधान हमें एकता, सद्भाव और मानवता का संदेश देता है।

डॉ. जितेंद्र यादव ने संविधान के ऐतिहासिक विकास और संविधान सभा के योगदान पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में आये अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापन यज्ञ नाथ पाण्डेय ने किया। एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी श्याम लाल सिंह यादव एवं स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे और इस दिवस पर कार्यक्रम प्रस्तुत किए। कार्यक्रम राष्ट्रगान के साथ सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।

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