बेमौसम बारिश से प्रभावित किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मिल सकेगी क्षतिपूर्ति
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। वर्तमान में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं के कारण जिले में किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित किसानों को राहत देने के लिए कृषि विभाग ने सूचना दर्ज कराने की अपील की है। जिला कृषि अधिकारी विनोद कुमार यादव ने किसानों से कहा है कि फसल में हुए नुकसान की सूचना निर्धारित समय सीमा के भीतर बीमा कंपनी को उपलब्ध कराएं, ताकि नियमानुसार क्षतिपूर्ति की कार्रवाई की जा सके।
72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं शिकायत
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत अपनी फसलों का बीमा कराया है, वे प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की सूचना 72 घंटे के भीतर दर्ज कराएं। समय सीमा के भीतर सूचना मिलने पर नियमानुसार फसल नुकसान का आकलन कर क्षतिपूर्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।
धान की फसल को लेकर विशेष प्रावधान
अत्यधिक वर्षा के कारण जलभराव की स्थिति में धान की फसल का बीमा व्यक्तिगत श्रेणी के अंतर्गत केवल कटी हुई अर्थात कटाई के बाद खेत में पड़ी फसल की स्थिति में ही लागू होगा। वहीं धान को छोड़कर अन्य बीमित फसलों ज्वार, बाजरा और अरहर में हुए नुकसान की सूचना किसान निर्धारित समय सीमा में दे सकते हैं।
टोल फ्री नंबर पर दें सूचना
किसान फसल नुकसान की सूचना दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त मोबाइल नंबर 7065514447 पर व्हाट्सऐप के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
किसान फसल बीमा आवेदन संबंधी मोबाइल अनुप्रयोग के माध्यम से भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर भी नुकसान की सूचना पंजीकृत की जा सकती है।
कृषि अधिकारियों के कार्यालय में भी दे सकते हैं सूचना
यदि किसी किसान को ऑनलाइन या दूरभाष के माध्यम से शिकायत दर्ज कराने में परेशानी होती है तो वह अपने निकटतम जिला कृषि अधिकारी अथवा उप कृषि निदेशक कार्यालय में पहुंचकर लिखित रूप से फसल नुकसान की सूचना दे सकता है।
दस्तावेज साथ रखना जरूरी
कृषि विभाग ने किसानों से शिकायत दर्ज कराते समय आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर और फसल बीमा से संबंधित दस्तावेज अपने पास रखने की अपील की है। विभाग के अनुसार, निर्धारित समय सीमा में सूचना दर्ज कराना आवश्यक है, जिससे नियमानुसार फसल नुकसान का आकलन कर पात्र किसानों को क्षतिपूर्ति दिलाने की कार्रवाई की जा सके।


