परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। आशा एवं आशा संगिनी कार्यकत्रियों ने विभिन्न मांगों को लेकर रविवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) प्रशासन को पत्रक सौंपा। इस दौरान कार्यकत्रियों ने आगामी 30 सितंबर को लखनऊ में प्रस्तावित शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन की जानकारी देते हुए शासन से उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर समस्याओं के समाधान की मांग की।

21 हजार और 26 हजार रुपये मानदेय की मांग
आशा एवं आशा संगिनी एकता कार्यकर्ता समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि आशा कार्यकत्रियों को लंबे समय से 21 हजार रुपये तथा आशा संगिनी सुपरवाइजरों को 26 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की मांग की जा रही है। कार्यकत्रियों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने में आशा एवं आशा संगिनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
कार्यकत्रियों ने आशा एवं आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, सभी जनपदों में निर्धारित बजट के साथ मानदेय का नियमित भुगतान सुनिश्चित करने तथा रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती एवं पदोन्नति की व्यवस्था करने की मांग उठाई।
सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग
कार्यकत्रियों ने कार्यक्षेत्र के अनुसार इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी, मोबाइल, प्रशिक्षण और बीमा सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि लगातार स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य करने के बावजूद उन्हें मानदेय और अन्य सुविधाओं से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
30 सितंबर को लखनऊ में धरना-प्रदर्शन
कार्यकत्रियों ने बताया कि छह सूत्री मांगों को लेकर आगामी 30 सितंबर को लखनऊ में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित है। उन्होंने शासन से मांगों पर सकारात्मक विचार करते हुए समस्याओं का शीघ्र समाधान किए जाने की अपेक्षा जताई।
अंत में कार्यकत्रियों ने अपनी मांगों के समर्थन में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी (एचईओ) को पत्रक सौंपा।


