पॉक्सो अधिनियम, महिला एवं बाल अधिकारों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता की दी जानकारी
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली की ओर से गांधी जयंती के उपलक्ष्य में पॉक्सो अधिनियम-2012, महिला एवं बाल अधिकारों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता को लेकर विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का प्रथम चरण 25 सितंबर से एक अक्टूबर तक तथा द्वितीय चरण दो अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसी क्रम में बुधवार को जिला पंचायत बालिका इंटर कॉलेज, चंदौली में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
छात्राओं को बताए कानूनी अधिकार
शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड ने की। इस दौरान सिविल जज (जू.डि.)/एफटीसी प्रथम शिवानी, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्राएं, समस्त स्टाफ तथा पैरा विधिक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
शिविर में छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रमुख प्रावधानों के साथ महिला एवं बाल अधिकारों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार की विषम परिस्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय अपने अधिकारों और कानून में उपलब्ध संरक्षण के प्रति जागरूक रहना चाहिए।
आपात स्थिति में हेल्पलाइन की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान महिला कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। साथ ही आपातकालीन सहायता के लिए नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला हेल्पलाइन 1090 तथा 181 के संबंध में बताया गया।
अधिकारियों ने छात्राओं से कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इन हेल्पलाइन सेवाओं का उपयोग कर वे समय रहते सहायता प्राप्त कर सकती हैं। जागरूकता को ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी बताते हुए छात्राओं को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
केंद्रीय विद्यालय मुगलसराय में भी पहुंचा जागरूकता अभियान
इसी क्रम में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, मुगलसराय में भी पॉक्सो अधिनियम-2012, महिला एवं बाल अधिकारों तथा निःशुल्क कानूनी सहायता को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सिविल जज (सी.डी.) चंदौली इशरत परवीन फारूकी तथा सिविल जज (जू.डि.)/एफटीसी द्वितीय ईशा राय उपस्थित रहीं।
पॉक्सो अधिनियम के प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा
शिविर में पॉक्सो अधिनियम-2012 के प्रावधानों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। छात्र-छात्राओं को बालकों के अधिकार, उनकी सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के लैंगिक अपराध की स्थिति में उपलब्ध कानूनी संरक्षण के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया और उपलब्ध विधिक सेवाओं के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय, मुगलसराय के प्रधानाचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं समस्त स्टाफ के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा।


