घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्वयं लगभग 15घंटे तक लगातार मॉनिटरिंग करते हुए जांच की प्रगति पर रखी नजर
परिवर्तन टुडे
Story By- मनोज कुमार मिश्रा
चंदौली। जनपद के अलीनगर थाना क्षेत्र में हुए चर्चित मनोज कुमार हत्याकांड का चन्दौली पुलिस ने मात्र 24घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश किसी पेशेवर अपराधी ने नहीं, बल्कि रेलवे के एक लोको पायलट ने रची थी। उसने आर्थिक लेन-देन और आपसी रंजिश के चलते बिहार के शूटरों को डेढ़ लाख रुपये की सुपारी देकर वारदात को अंजाम दिलाया।
पुलिस अधीक्षक आकाश पटेल के निर्देशन में गठित संयुक्त टीमों ने सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले का पर्दाफाश किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने स्वयं लगभग 15घंटे तक लगातार मॉनिटरिंग करते हुए जांच की प्रगति पर नजर रखी।
छः 6 जून को अलीनगर थाना क्षेत्र के टड़िया-पटपरा मार्ग पर मनोज कुमार 38वर्ष की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक कोयला मंडी स्थित एक धर्मकांटे पर कार्य करता था। वह घटना वाले दिन किसी परिचित के दुर्घटनाग्रस्त होने की बात कहकर कार्यस्थल से निकला था, जिसके कुछ समय बाद उसकी हत्या कर दी गई।
जांच के दौरान पुलिस को मृतक के पास से एक डायरी मिली, जिसमें ब्याज पर रुपये देने का विवरण दर्ज था। सीसीटीवी फुटेज में यह भी सामने आया कि मृतक के साथ एक अन्य व्यक्ति साइकिल से चल रहा था और पीछे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल भी दिखाई दे रही थी। इसी दौरान सीडीआर विश्लेषण में एक संदिग्ध कॉल सामने आई, जिसके आधार पर पुलिस रेलवे के लोको पायलट कृष्ण भगवान सिंह तक पहुंची।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी कृष्ण भगवान सिंह निवासी बक्सर बिहार ने बताया कि उसने वर्ष 2020में मृतक मनोज कुमार से लगभग तीन लाख रुपये ब्याज पर उधार लिए थे। समय के साथ ब्याज सहित यह रकम करीब सात लाख रुपये हो गई थी। मृतक लगातार पैसे की मांग कर रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान था। इसी रंजिश के चलते उसने मनोज कुमार की हत्या की योजना बनाई।
कृष्ण भगवान सिंह ने अपने गांव के परिचित भरत सिंह से संपर्क कर मनोज कुमार की हत्या कराने की बात कही। डेढ़ लाख रुपये में सौदा तय हुआ और भरत सिंह ने अपने साथी सूरज कुमार उर्फ राजेश को भी इसमें शामिल किया। आरोपियों को मुगलसराय में ठहराया गया तथा हत्या की पूरी योजना तैयार की गई। 6जून को कृष्ण भगवान सिंह ने एक मिठाई की दुकान से मोबाइल लेकर मनोज कुमार को फोन किया और रुपये देने के बहाने बुलाया। इसके बाद वह उसे साइकिल से सुनसान इलाके की ओर ले गया। पीछे से शूटर मोटर साइकिल से उनका पीछा कर रहे थे। पटपरा गांव के समीप पहुंचने पर पहले सिर और फिर सीने में गोली मारकर मनोज कुमार की हत्या कर दी गई। वारदात के बाद दोनों शूटर बिहार की ओर फरार हो गए।
पुलिस ने उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त .32बोर पिस्टल, दो खोखा कारतूस और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। घायल आरोपी का उपचार कराया जा रहा है। हत्या के सनसनीखेज मामले के सफल अनावरण पर अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन ने पुलिस टीम को 50हजार रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। कृष्ण भगवान सिंह, निवासी बक्सर (बिहार), सूरज कुमार उर्फ राजेश, निवासी भोजपुर (आरा) बिहार, पुलिस फरार आरोपी भरत सिंह की तलाश में जुटी हुई है और मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।


