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Tuesday, July 21, 2026
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Chandauli news- भारत की शिक्षा व्यवस्था विश्व की सबसे मजबूत और सर्वसमावेशी : प्रो. हरेंद्र कुमार सिंह

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। भारतीय शिक्षण मंडल, काशी प्रांत तथा राहुल नॉलेज सिटी एजुकेशनल कैंपस, महुअर कलां, चंदौली के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय शिक्षा एवं संस्कृति’ विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी सह परिचय वर्ग का आयोजन संस्थान के अतिथि गृह स्थित संगोष्ठी कक्ष में हुआ। कार्यक्रम में शिक्षाविदों, विद्वानों एवं प्रबुद्ध नागरिकों ने भारतीय शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से मंथन किया।

गुरुकुल परंपरा को अपनाने पर दिया बल

मुख्य अतिथि भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय सह-प्रचार प्रमुख एवं काशी हिंदू विश्वविद्यालय के पर्यटन प्रबंध विभाग के आचार्य डॉ. अनिल कुमार सिंह ने कहा कि भारतीय शिक्षा के पुनर्जागरण के लिए गुरुकुल परंपरा के मूल सिद्धांतों को वर्तमान शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा का मूल उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र निर्माण और राष्ट्र चेतना का विकास है।

सकारात्मक सोच से ही बनेगा विकसित भारत

मुख्य वक्ता भारतीय शिक्षण मंडल, काशी प्रांत के उपाध्यक्ष, पूर्व कुलपति तथा काशी हिंदू विश्वविद्यालय के वाणिज्य संकाय के अध्यक्ष एवं डीन प्रो. हरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने जीवन का उद्देश्य स्पष्ट रखते हुए सकारात्मक सोच के साथ निरंतर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण केवल योजनाओं से नहीं, बल्कि सामूहिक दायित्व, अनुशासन और कर्तव्यबोध से संभव है। भारत की शिक्षा व्यवस्था विश्व की सबसे मजबूत और सर्वसमावेशी व्यवस्था है।

स्वभाषा और संस्कार आधारित शिक्षा पर जोर

विशिष्ट वक्ता भारतीय शिक्षण मंडल, काशी प्रांत की महिला गतिविधि प्रमुख तथा शासकीय महिला महाविद्यालय, डी.एल.डब्ल्यू., वाराणसी के संस्कृत विभाग की अध्यक्ष प्रो. रचना शर्मा ने स्वभाषा आधारित शिक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और भारतीय संस्कारों पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को समय की आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा में नैतिक मूल्य, पारिवारिक संस्कार, प्रभु श्रीराम का आदर्श चरित्र तथा “पृथ्वी हमारी माता है” जैसी जीवन दृष्टि समाहित है।

वाराणसी और चंदौली की नई कार्यकारिणी घोषित

संगोष्ठी के दौरान भारतीय शिक्षण मंडल की वाराणसी एवं चंदौली जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई। संजीव राय ‘बिल्लू’ को वाराणसी का जिला संयोजक तथा छवि अग्रवाल एवं डॉ. शैलेंद्र कुमार सिंह को जिला सह-संयोजक मनोनीत किया गया। वहीं आनंद कुमार तिवारी (सोनू) को चंदौली का जिला संयोजक तथा डॉ. निशा सिंह, नवीन कुमार सिंह एवं सारिका त्रिपाठी को जिला सह-संयोजक का दायित्व सौंपा गया।

बीस से अधिक शिक्षक और शिक्षाविद रहे उपस्थित

कार्यक्रम का संचालन डॉ. अशोक कुमार ज्योति ने किया। धन्यवाद ज्ञापन सचिन कुमार सिंह ने प्रस्तुत किया, जबकि ध्येय श्लोक, ध्येय वाक्य एवं कल्याण मंत्र का पाठ कश्यप कुमार एवं डॉ. निशा सिंह ने कराया। संगोष्ठी में बीस से अधिक शिक्षक, शिक्षाविद एवं विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों की सहभागिता रही।

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
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