धानापुर खंड शिक्षा अधिकारी से स्पष्टीकरण तलब, बरहनी बीईओ को कार्यशैली सुधारने की चेतावनी
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता, विद्यार्थियों के नामांकन, विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं और विभिन्न शिक्षा योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों के प्रति नाराजगी जताते हुए कार्यशैली में सुधार के निर्देश दिए।

नामांकन कम मिलने पर जताई नाराजगी
जिलाधिकारी ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में बच्चों का नामांकन बढ़ाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। लक्ष्य के सापेक्ष कम नामांकन पर उन्होंने नाराजगी जताई। धानापुर के खंड शिक्षा अधिकारी की कार्यशैली में लापरवाही सामने आने पर स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए। वहीं बरहनी के खंड शिक्षा अधिकारी को भी कार्यों में तेजी लाने और लंबित आंकड़ा प्रविष्टि का कार्य तत्काल पूरा कराने के निर्देश दिए।
विद्यालयों की सुविधाओं और निर्माण कार्यों की हुई समीक्षा
बैठक में ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के अंतर्गत विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, चहारदीवारी और रसोईघर सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन कार्यों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से निर्धारित समय में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘निपुण भारत मिशन’ के तहत भाषा एवं गणित में बच्चों की दक्षता बढ़ाने के लिए विद्यालयों के नियमित निरीक्षण पर भी जोर दिया।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के निर्माणाधीन शैक्षणिक एवं छात्रावास भवनों की प्रगति की समीक्षा के दौरान कार्य अधूरे मिलने पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था के अभियंताओं और ठेकेदारों के प्रति नाराजगी जताई। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय हंडा के निर्माण में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।
साक्षरता अभियान में तेजी लाने के निर्देश
जिलाधिकारी ने 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के निरक्षरों को चिह्नित कर उन्हें साक्षर बनाने के अभियान में तेजी लाने को कहा। ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर शत-प्रतिशत साक्षरता के लक्ष्य को प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “साक्षरता केवल पढ़ने-लिखने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सशक्त और जागरूक बनाने का माध्यम है।” अधिकारियों को धरातल पर उतरकर नव भारत साक्षरता कार्यक्रम और बुनियादी शिक्षा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। अपने दायित्वों में लापरवाही बरतने वाले शिक्षक अथवा अधिकारी के विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को नियमित रूप से विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी आर. जगत साई, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सचिन कुमार, समस्त खंड विकास अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।



