कोइलरवा हनुमान मंदिर पर हुई बैठक में संगठन के गठन की रूपरेखा पर हुआ मंथन
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। अत्याचार, सामाजिक शोषण तथा आर्थिक अभाव के कारण कानूनी सहायता से वंचित लोगों तक विधिक मदद पहुंचाने की दिशा में आजाद सेना के गठन की रूपरेखा तैयार की जा रही है। इसी क्रम में कोइलरवा हनुमान मंदिर परिसर में बैठक आयोजित कर संगठन के उद्देश्यों, स्वरूप एवं आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से मंथन किया गया। बैठक में संगठन का नारा ‘हर पल आपके साथ’ तय किया गया।

प्रत्येक परिवार तक पहुंचाई जाएगी विधिक सहायता
सिविल बार संगठन के पूर्व उपाध्यक्ष तथा सकलडीहा डेमोक्रेटिक बार के पूर्व अध्यक्ष शैलेंद्र पांडेय एडवोकेट ने कहा कि समाज में बढ़ते अपराधों का एक प्रमुख कारण लोगों में कानून के प्रति जागरूकता का अभाव भी है। अनेक लोग अपने अधिकारों और कानूनी प्रावधानों की जानकारी न होने के कारण समय पर उचित विधिक सहायता प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
उन्होंने बताया कि आजाद सेना के माध्यम से जनपद के प्रत्येक ब्लॉक में विधिक सेवा केंद्र स्थापित करने की तैयारी की जा रही है, ताकि जरूरतमंद लोगों को उनके गांव और क्षेत्र के आसपास ही कानूनी सलाह एवं सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
विद्यालयों में विद्यार्थियों को दी जाएगी सामान्य कानून की जानकारी
शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि किशोरों में कानून की सामान्य जानकारी का अभाव भी चिंता का विषय है। कई बार कानून की जानकारी न होने के कारण नाबालिग बच्चे ऐसे कृत्यों में शामिल हो जाते हैं, जो उन्हें विधिक कठिनाइयों में डाल देते हैं।
उन्होंने कहा कि आजाद सेना का पहला उद्देश्य विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों में पहुंचकर 18 वर्ष से कम आयु के विद्यार्थियों को सामान्य कानून और उनके अधिकारों की जानकारी देना होगा। इसके लिए जनपद में लगभग 300 युवा अधिवक्ताओं की टीम तैयार करने की योजना है, जो विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जाकर विद्यार्थियों को कानून के प्रति जागरूक करेगी।
300 अधिवक्ताओं की टीम तैयार करने की तैयारी
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक विधिक सलाह पहुंचाने के लिए जनपद स्तर पर करीब 300 युवा अधिवक्ताओं को संगठन से जोड़कर एक मजबूत टीम तैयार की जाएगी। यह टीम जरूरतमंद लोगों को कानून की सामान्य जानकारी देने के साथ ही उन्हें उचित विधिक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का कार्य करेगी।
शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि समाज को कानूनी रूप से मजबूत करने और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए यह पहल समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर बढ़ते कथित अत्याचार अथवा सामाजिक शोषण के मामलों में लोगों को अपने अधिकारों और कानून की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
संगठनात्मक ढांचे पर भी हुआ विचार-विमर्श
आजाद सेना के गठन को लेकर हुई चर्चा से पूर्व बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री पंडित अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें याद किया गया। इसके बाद संगठन के आगामी स्वरूप और जिम्मेदारियों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में बताया गया कि जनपद स्तर पर एक संयोजक और पांच सहसंयोजकों के साथ-साथ प्रत्येक तहसील में एक-एक संयोजक की घोषणा जल्द की जाएगी। संगठन को ग्रामीण स्तर तक पहुंचाने और जरूरतमंद लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
‘हर पल आपके साथ’ होगा आजाद सेना का नारा
शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि आजाद सेना का नारा ‘हर पल आपके साथ’ तय किया गया है। इसी संकल्प के साथ संगठन जनता के बीच जाकर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने तथा शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का कार्य करेगा।
उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी और विधिक सहायता के अभाव में कोई भी व्यक्ति अपने अधिकारों से वंचित न रहे, यही संगठन का मूल उद्देश्य होगा।
बैठक में जयप्रकाश उपाध्याय, ईश्वर चंद्र पांडेय, शिवम उपाध्याय, दिलीप पांडेय, माधव पांडेय, सतीश उपाध्याय, दिव्यांशु मिश्रा, आकाश पांडेय, विमलेश पाठक, कमलाकांत तिवारी उर्फ अनु तिवारी, नित्यानंद पांडेय, मदन सिंह, अमित कुमार पांडेय, दुर्गेश कुमार मिश्रा, रामदयाल यादव, रिंकू ईश्वर चंद्र पांडेय, शरद कुमार चौबे, सुनील कुमार सहित अन्य लोग प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।













