मध्यस्थता के माध्यम से सुलह-समझौते को दें बढ़ावा, पक्षकारों को शीघ्र न्याय दिलाने पर जोर
परिवर्तन टुडे न्यूज, चंदौली। आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने तथा अधिक से अधिक वादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराने के उद्देश्य से सोमवार को जनपद न्यायालय परिसर स्थित वीडियो कान्फ्रेंसिंग कक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पूर्णकालिक सचिव श्रीमती निकिता गौड़ ने की। बैठक में चंदौली स्थित मध्यस्थता केंद्र में कार्यरत मध्यस्थ अधिवक्ताओं ने प्रतिभाग किया।
मध्यस्थता अभियान में अधिकाधिक वाद निस्तारित कराने के निर्देश
बैठक में पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने उपस्थित मध्यस्थ अधिवक्ताओं को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा चलाए जा रहे ‘राष्ट्र के लिए मध्यस्थता अभियान-3.0’ के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य मध्यस्थता के माध्यम से अधिक से अधिक वादों का समाधान कराकर पक्षकारों को शीघ्र एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है।
उन्होंने मध्यस्थ अधिवक्ताओं से अपील की कि वे लंबित वादों में पक्षकारों के बीच सुलह-समझौते की संभावनाओं को बढ़ावा देते हुए अधिक से अधिक मामलों का आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण कराने का प्रयास करें।
12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत
सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंदौली के तत्वावधान में 12 सितंबर 2026 को प्रातः 10 बजे से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसमें विभिन्न प्रकार के मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक अदालत में प्री-लिटिगेशन वाद, सिविल वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, भरण-पोषण संबंधी वाद, चेक बाउंस तथा मोटर यान अधिनियम से संबंधित शमनीय दांडिक वाद, राजस्व वाद, चकबंदी वाद और बैंक ऋण वसूली से संबंधित मामलों का निस्तारण किया जाएगा।
बिजली, बीमा और कर संबंधी मामलों का भी होगा समाधान
इसके अलावा श्रम, बीमा, बिजली एवं टेलीफोन से संबंधित वादों के साथ-साथ जलकर निर्धारण तथा नगर पालिका कर निर्धारण के विरुद्ध अपील आदि मामलों को भी लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया जाएगा। अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों को अधिक से अधिक वाद लोक अदालत के लिए नियत करने के निर्देश दिए गए।
समय से नोटिस और सम्मन भेजने पर जोर
पूर्णकालिक सचिव निकिता गौड़ ने निर्देशित किया कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक वाद नियत किए जाएं और नियत वादों में पक्षकारों को समय से नोटिस एवं सम्मन प्रेषित किए जाएं। उन्होंने कहा कि समय से सूचना मिलने पर पक्षकार लोक अदालत में उपस्थित होकर अपने मामलों का आपसी सहमति एवं सुलह-समझौते के माध्यम से शीघ्र निस्तारण करा सकेंगे।
बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित किया जाए तथा लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।


