श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर भाजपा के वरिष्ठ नेता ने दी जिलेवासियों को शुभकामनाएं, धर्म-सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का किया आह्वान
परिवर्तन टुडे न्यूज एक्स, चंदौली। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व को लेकर जिलेभर में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर मंदिरों से लेकर घरों तक विशेष तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को सजाने के साथ ही भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों की तैयारियों में जुटे हैं। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के साथ ही मंदिरों में शंखनाद, घंटा-घड़ियाल और जयकारों से वातावरण भक्तिमय होगा।
श्रीकृष्ण का जीवन देता है कर्म का संदेश
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता जय श्याम त्रिपाठी ने जिलेवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानवता के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य का साथ देते हुए समाज को कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।
जय श्याम त्रिपाठी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया कर्म का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। मनुष्य को अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करना चाहिए तथा परिणाम की चिंता किए बिना निरंतर कर्म करते रहना चाहिए।
अधर्म के विरुद्ध खड़े होने की प्रेरणा
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें सिखाता है कि अन्याय और अधर्म के सामने मौन रहना उचित नहीं है। जब समाज में बुराइयां बढ़ती हैं, तब धर्म और सत्य की स्थापना के लिए दृढ़ता के साथ खड़ा होना आवश्यक हो जाता है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण ने प्रेम, करुणा, नीति, कूटनीति, पराक्रम और कर्तव्य का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया। उनका जीवन केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि बेहतर समाज के निर्माण की प्रेरणा भी है।
युवाओं के लिए सबसे बड़ा प्रेरणास्रोत हैं श्रीकृष्ण
जय श्याम त्रिपाठी ने कहा कि वर्तमान समय में युवा पीढ़ी को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। श्रीकृष्ण का जीवन बताता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, व्यक्ति को धैर्य, विवेक और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि समाज श्रीकृष्ण के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करे तो आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को मजबूत किया जा सकता है।
भक्ति के साथ सामाजिक सद्भाव का संदेश
उन्होंने जिलेवासियों से जन्माष्टमी का पर्व श्रद्धा, उल्लास और आपसी सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। कहा कि हमारे पर्व केवल धार्मिक आस्था के प्रतीक नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने और भारतीय संस्कृति की महान परंपराओं को आगे बढ़ाने का माध्यम भी हैं।
उन्होंने कहा कि जन्माष्टमी के अवसर पर हमें भगवान श्रीकृष्ण के जीवन से प्रेरणा लेकर सत्य, धर्म, प्रेम और कर्तव्य के मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
मंदिरों में आधी रात गूंजेगा नंदलाल का जयकारा
जन्माष्टमी को लेकर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और भगवान श्रीकृष्ण की झांकियों की तैयारियां की गई हैं। श्रद्धालु व्रत रखकर दिनभर भगवान की आराधना करेंगे। मध्यरात्रि में कान्हा के जन्म के साथ ही मंदिरों में आरती और पूजन का आयोजन होगा।
जय श्याम त्रिपाठी ने अंत में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से प्रत्येक परिवार में सुख-शांति और समृद्धि आए तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारा मजबूत हो।


