परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। कस्बे के नागेपुर गांव में रविवार को अधूरे इंटरलॉकिंग मार्ग के निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि 100 मीटर इंटरलॉकिंग मार्ग निर्माण की स्वीकृति के बावजूद महज 60 मीटर सड़क बनाकर काम बंद कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
दस वर्षों से कच्चे रास्ते से आवागमन
ग्रामीणों ने बताया कि सकलडीहा पीजी कॉलेज के सामने स्थित कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। यहां के लोग पिछले करीब दस वर्षों से कच्चे और मिट्टी के रास्ते से आवागमन करने को मजबूर हैं। बारिश के दिनों में मार्ग की स्थिति और खराब हो जाती है। कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी
ग्रामीणों के अनुसार कच्चे रास्ते के कारण बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को विशेष परेशानी होती है। रात के समय पर्याप्त प्रकाश की व्यवस्था नहीं होने से लोग रास्ते में गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इंटरलॉकिंग मार्ग का निर्माण पूरा होने से कॉलोनी के लोगों को आवागमन की समस्या से काफी हद तक राहत मिल सकती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्वीकृत 100 मीटर मार्ग में से केवल 60 मीटर निर्माण कराकर शेष हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामले की जांच कराकर अधूरे मार्ग का निर्माण शीघ्र पूरा कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण का कार्य पूरा नहीं कराया गया तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। विरोध प्रदर्शन में राजू प्रजापति, राकेश प्रजापति, बबलू प्रजापति, चंदन पासवान, जितेंद्र राय, किशन राय, रमेश राय, संतोष मौर्य, चंद्रावती, कुसुम देवी, सरिता सिंह, जानकी देवी, अनिल सिंह और चंदन सिंह सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।


