पुलिस की मौजूदगी में भी पथराव का आरोप, सुरागरसी के दौरान सिपाही बाल-बाल बचा
परिवर्तन टुडे न्यूज, वाराणसी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव निवासी दैनिक समाचार पत्र के पत्रकार एवं पत्रकार प्रेस क्लब के प्रदेश सलाहकार सचिव कृष्णा पाठक के घर पर पिछले करीब बीस दिनों से लगातार पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित पत्रकार का आरोप है कि पथराव का विरोध करने पर आरोपितों द्वारा गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी गई। मामले में पुलिस ने तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिर्जामुराद पुलिस ने राजेश पाठक उर्फ राजन पुत्र स्व. रामदुलार पाठक, प्रफुल्ल पाठक पुत्र राजेश पाठक तथा गोविंद पाठक पुत्र स्व. बेचन पाठक, सभी निवासी करधना गांव के खिलाफ घर की छत और दरवाजे पर पथराव, गाली-गलौज तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।
रात के अंधेरे में लगातार पथराव से परिवार परेशान
पीड़ित पत्रकार के अनुसार, पिछले करीब बीस दिनों से रात के समय उनके घर की छत और दरवाजे की ओर पत्थर फेंके जा रहे थे। लगातार हो रही इस घटना से उनका पूरा परिवार भय और परेशानी में है। आरोप है कि पथराव का विरोध करने पर आरोपितों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
पत्रकार ने मामले की जानकारी पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की थी। उनका कहना है कि उन्होंने दो बार पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचना देकर भी कार्रवाई की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के दौरान भी रात में पथराव होने का आरोप है।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में हुआ पथराव
इसके बाद पीड़ित पत्रकार ने करधना चौकी प्रभारी को पूरी घटना की जानकारी देकर कार्रवाई की मांग की। बताया गया कि चौकी प्रभारी कई पुलिसकर्मियों के साथ रात में पत्रकार के घर पहुंचे और छत पर बैठकर पथराव करने वालों की सुरागरसी करने लगे। इसी दौरान कथित रूप से पथराव शुरू हो गया।
बताया गया कि इस दौरान एक पुलिसकर्मी पत्थर की चपेट में आने से बाल-बाल बच गया। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने स्वयं अपनी आंखों से आरोपितों की छत की ओर से पथराव होते देखा। इसके बाद पुलिस बल आरोपितों के दरवाजे पर पहुंचा, लेकिन आरोपित दरवाजा बंद कर घर के भीतर चले गए।
नामजद तहरीर के बाद भी मुकदमे में हुई देरी
पीड़ित पत्रकार कृष्णा पाठक का आरोप है कि उन्होंने मिर्जामुराद थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को नामजद तहरीर दी थी। करधना चौकी की पुलिस द्वारा भी पूरी घटना से थाना प्रभारी को अवगत कराया गया था। इसके बावजूद मुकदमा दर्ज करने में कथित रूप से टालमटोल की गई।
मामला पत्रकार प्रेस क्लब तक पहुंचने के बाद संगठन से जुड़े पत्रकारों ने घटना की जानकारी थाना प्रभारी सहित उच्चाधिकारियों को दी। इसके कई दिन बाद मिर्जामुराद पुलिस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस ने शुरू की विवेचना
पुलिस का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित पत्रकार ने परिवार की सुरक्षा और आरोपितों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है।


