सामूहिक विवाह समारोह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच एक-दूसरे के हुए नवदंपति, हर जोड़े को मिला पौधा और गृहस्थी का उपहार
परिवर्तन टुडे न्यूज
चंदौली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सोमवार को विकास खंड सदर स्थित द जीत पैलेस लॉन, सकलडीहा रोड, चंदौली में आयोजित सामूहिक विवाह समारोह 36 जोड़ों के लिए जिंदगी का यादगार पड़ाव बन गया। वैदिक मंत्रोच्चार और मंगलगीतों के बीच 36 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे और एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। खास बात यह रही कि प्रत्येक नवदंपति को एक-एक पौधा भी भेंट किया गया, जिससे विवाह समारोह में सामाजिक सरोकार के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जुड़ गया।

एक-दूसरे का हाथ थामा, साथ निभाने का लिया संकल्प
विवाह समारोह में सभी 36 जोड़ों का विधि-विधान एवं वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया गया। विवाह की रस्मों के दौरान वर-वधू ने एक-दूसरे का हाथ थामकर नए जीवन की शुरुआत की। परिजनों और कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की।
समारोह स्थल पर पूरे समय उत्सव जैसा माहौल बना रहा। नवदंपत्तियों के परिजन अपनी बेटियों और परिवार के नए रिश्तों को लेकर उत्साहित नजर आए।
शादी के साथ मिला हरियाली का संदेश
इस सामूहिक विवाह समारोह की सबसे खास पहल प्रत्येक नवदंपति को एक-एक पौधा प्रदान करना रही। पौधा पाकर नवदंपत्तियों के चेहरे पर खुशी दिखाई दी। उन्हें पौधे की देखभाल करने और उसे अपने नए जीवन की यादगार निशानी के रूप में सहेजने के लिए प्रेरित किया गया।
विवाह के अवसर पर पौधा देने की पहल ने समारोह को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ दिया। नवदंपतियों के हाथों में पौधा इस बात का संदेश देता नजर आया कि जिस तरह परिवार को प्रेम और देखभाल की जरूरत होती है, उसी तरह प्रकृति को भी संरक्षण की आवश्यकता है।
डीबीटी के साथ उपहार और बर्तन किट भी मिली
शासन की निर्धारित व्यवस्था के तहत सभी नवदंपत्तियों को डीबीटी के माध्यम से निर्धारित धनराशि उपलब्ध कराने के साथ ही आवश्यक उपहार सामग्री और बर्तन किट वितरित की गई। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराने में सहयोग देना है।
बेटियों के सम्मान और सामाजिक समानता का माध्यम है योजना
कार्यक्रम में विधायक रमेश जायसवाल ने कहा कि राज्य सरकार गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के हाथ पीले करने तथा उनका सम्मानजनक विवाह संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना केवल विवाह संपन्न कराने की योजना नहीं, बल्कि सामाजिक समानता और बेटियों के सम्मान का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने सदर विकास खंड में परिणय सूत्र में बंधे सभी 36 नवदंपत्तियों को सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय दांपत्य जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए बिना किसी भेदभाव के निरंतर कार्य कर रही है।
बीडीओ ने योजना को बताया जरूरतमंद परिवारों के लिए सहारा
बीडीओ शशि कांत पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए काफी उपयोगी है। इस योजना से बेटियों का विवाह सम्मानजनक तरीके से संपन्न कराने में परिवारों को सहयोग मिलता है। सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक समरसता और आपसी सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं। प्रत्येक नवदंपति को पौधा देना इस आयोजन को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने वाली अच्छी पहल है, जिसे आगे भी प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
36 घरों में गूंजी खुशियां, 36 पौधों से हरियाली का संकल्प
समारोह में सदर ब्लाक प्रमुख सहित विकास खंड स्तरीय अधिकारी एवं कर्मचारी तथा समाज कल्याण विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नवदंपत्तियों और उनके परिजनों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सामूहिक विवाह समारोह ने 36 जोड़ों को जीवनभर के रिश्ते में बांधने के साथ ही एक सकारात्मक संदेश भी दिया। एक ओर 36 जोड़ों ने साथ जीने-मरने का संकल्प लिया, तो दूसरी ओर 36 पौधों के माध्यम से नई पीढ़ी के लिए हरियाली और स्वच्छ पर्यावरण का संकल्प भी समारोह का हिस्सा बना।



