परिवर्तन टुडे चन्दौली
सकलडीहा। बार काउंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश ने सकलडीहा बार एसोसिएशन, चंदौली के विवाद पर बड़ा निर्णय लिया है। काउंसिल ने एडवोकेट अशोक कुमार यादव की अध्यक्षता वाली कार्यकारिणी को मान्यता देते हुए कार्य करने की अनुमति दे दी है। साथ ही डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन से जुड़े एडवोकेट अतुल कुमार तिवारी को हस्तक्षेप न करने का निर्देश दिया है।
बार काउंसिल के सचिव द्वारा 20 अप्रैल 2026 को जारी पत्र संख्या 338 के अनुसार, 17 अप्रैल 2026 को बार काउंसिल अध्यक्ष के समक्ष ऑनलाइन सुनवाई हुई थी। सुनवाई में एडवोकेट अशोक कुमार यादव और एडवोकेट अतुल कुमार तिवारी को सुना गया। जांच में पाया गया कि एडवोकेट अतुल कुमार तिवारी डेमोक्रेटिक बार एसोसिएशन, सकलडीहा से जुड़े हैं और उनके पास बार काउंसिल द्वारा प्रदत्त सीओपी भी नहीं है।
उन्होंने विगत बार काउंसिल चुनाव में मतदान भी नहीं किया था। वे बिना विधिवत चुनाव के सकलडीहा बार एसोसिएशन में दावा प्रस्तुत कर रहे थे। वहीं एडवोकेट अशोक कुमार यादव 27 फरवरी 2026 को विधिवत हुए चुनाव में निर्वाचित हुए हैं। इस चुनाव पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं है। बार काउंसिल ने स्पष्ट किया कि विधिवत घोषित चुनाव में निर्वाचित कार्यकारिणी को इनकार करके बिना सीओपी धारक मनोनीत को तरजीह नहीं दी जा सकती।
बार काउंसिल अध्यक्ष शिव किशोर गौड़ के आदेशानुसार अशोक कुमार यादव की कार्यकारिणी को मान्यता देते हुए कार्य करने की अनुमति दी गई है। अतुल कुमार तिवारी या अन्य कोई व्यक्ति अशोक यादव की कार्यकारिणी के काम में हस्तक्षेप नहीं करेंगे। उनके द्वारा किया गया कोई भी कार्य अनैतिक व गैरकानूनी माना जाएगा। अशोक कुमार यादव व उनकी कार्यकारिणी को निर्देशित किया गया है कि सकलडीहा बार एसोसिएशन के कार्यों को नियमानुसार अधिवक्ता व वादकारियों के हित में संपादित करें।
वहीं, सकलडीहा बार एसोसिएशन के महामंत्री रामराज यादव, पंकज सिंह यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर बार काउंसिल के आदेश की प्रति सौंपी और उसे तत्काल प्रभाव से लागू कराने की मांग की है। इस फैसले के बाद सकलडीहा बार एसोसिएशन में लंबे समय से चल रहा विवाद अब समाप्त होने की उम्मीद जताई जा रही है।




