राजस्व लिपिक पर गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग को लेकर अधिवक्ताओं में आक्रोश; आंदोलन की चेतावनी
तहसील में विवाद के बाद अधिवक्ता-लिपिक पक्ष से मुकदमा दर्ज
परिवर्तन टुडे न्यूज चन्दौली
सकलडीहा। सकलडीहा तहसील परिसर में सोमवार को फाइल निस्तारण को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। विवाद के दौरान अधिवक्ता और राजस्व लिपिक के बीच मारपीट हो गई, जिसमें अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके चेहरे पर गंभीर चोट आई और खून निकलने लगा। हालत बिगड़ने पर देर शाम पुलिस ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना को लेकर तहसील के अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार अधिवक्ता उपेन्द्र नारायण सिंह खतौनी शुद्धीकरण की धारा 38(2) की फाइल को लेकर बीते शुक्रवार को तहसीलदार अनुराग सिंह से मिले थे। अधिवक्ता ने फाइल के निस्तारण की मांग की थी, जिस पर तहसीलदार ने प्रभारी राजस्व लिपिक लेखपाल शाकिब अर्सलान को फाइल उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था। आरोप है कि इसके बाद भी फाइल नहीं दी गई।
अधिवक्ता का आरोप है कि सोमवार को जब वह दोबारा फाइल के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे तो लिपिक से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। इस दौरान अधिवक्ता के चेहरे पर गंभीर चोट लग गई और वह लहूलुहान हो गए।
घायल अधिवक्ता को देखकर अन्य अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और तहसील परिसर में हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह मामला शांत कराया। अधिवक्ता ने लिपिक पर चाकू से हमला करने का आरोप लगाया है।
बताया जा रहा है कि घटना के समय तहसीलदार अपने चेंबर में मौजूद नहीं थे, बल्कि एसडीएम कार्यालय में वार्ता कर रहे थे। विवाद बढ़ने के बाद राजस्व लिपिक एसडीएम कार्यालय की ओर चला गया। देर शाम दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी हुई।
घटना के बाद अधिवक्ताओं ने राजस्व लिपिक के निलंबन और गिरफ्तारी की मांग उठाई है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
इस मौके पर अधिवक्ता जनार्दन मिश्रा, आशुतोष मिश्रा, राजेश्वर सिंह, सच्चिदानंद सिंह, राजगोपाल सिंह, दुर्गेश सिंह, आलोक पांडेय सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।


