spot_img
28.5 C
Varanasi
Friday, July 31, 2026
spot_img

Chandauli news- संस्कार, शिक्षा और संस्कृति का संगम बना महर्षि वेदव्यास पूजनोत्सव, कमलापति पाण्डेय ‘व्यास सम्मान-2026’ से सम्मानित

spot_img
spot_img
जरुर पढ़े
रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

महर्षि वेदव्यास के आदर्शों से ही सशक्त होगा राष्ट्र का भविष्य : डॉ. अशोक कुमार ज्योति

सकलडीहा इंटर कॉलेज में भारतीय शिक्षण मंडल के तत्वावधान में महर्षि वेदव्यास पूजनोत्सव एवं सम्मान समारोह संपन्न

परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। भारतीय शिक्षण मंडल, काशी प्रांत की ओर से शुक्रवार को सकलडीहा इंटर कॉलेज परिसर में महर्षि वेदव्यास पूजनोत्सव एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति, गुरु-शिष्य परंपरा और भारतीय ज्ञान परंपरा के संरक्षण पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर सकलडीहा इंटर कॉलेज के पूर्व प्राचार्य कमलापति पाण्डेय को शिक्षा क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान, नेतृत्व और समर्पण के लिए ‘व्यास सम्मान-2026’ से सम्मानित किया गया।

‘शिक्षा जीवनभर चलने वाली साधना है’

विशेष सम्मान प्राप्त करने के उपरांत पूर्व प्राचार्य कमलापति पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा एक सतत चलने वाली प्रक्रिया है। मनुष्य जितना अधिक सीखता है, उतना ही उसका ज्ञान और व्यक्तित्व विकसित होता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और अध्ययन के प्रति निरंतर जिज्ञासा होनी चाहिए। अभिभावकों से उन्होंने आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनकी क्षमता, रुचि और प्रतिभा के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर दें, जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके।

महर्षि वेदव्यास ने भारतीय संस्कृति को दिया अमूल्य ज्ञान

मुख्य वक्ता काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के वरिष्ठ सहायक आचार्य डॉ. अशोक कुमार ज्योति ने कहा कि भारत ऋषियों और मनीषियों की भूमि है। महर्षि वेदव्यास ने भारतीय संस्कृति को अमूल्य ज्ञान-संपदा प्रदान की है। उन्होंने महाभारत और यक्ष-युधिष्ठिर संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि अहिंसा, समता, शांति, दया और ईर्ष्या-द्वेष से मुक्त जीवन ही मनुष्य को श्रेष्ठ बनाता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में महर्षि वेदव्यास के आदर्शों को आत्मसात करना अत्यंत आवश्यक है।

गुरु-शिष्य संबंधों को पुनः सशक्त बनाने की आवश्यकता

वाल्मीकि इंटर कॉलेज, बलुआँ के शिक्षक कमलेश सरोज ने कहा कि आधुनिक समय में गुरु और शिष्य के बीच आत्मीय संबंध कमजोर होते जा रहे हैं। भारतीय शिक्षा व्यवस्था की आत्मा गुरु-शिष्य परंपरा रही है, जिसे पुनर्जीवित करने की आवश्यकता है। उन्होंने संस्कारयुक्त शिक्षा को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया।

संस्कार और अनुशासन से ही बनेंगे सफल विद्यार्थी

मुख्य अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल तिवारी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नई पीढ़ी के कंधों पर देश का भविष्य टिका है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने गुरुजनों एवं अभिभावकों का सम्मान करने, अनुशासित जीवन अपनाने तथा प्रतिदिन नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम और सकारात्मक सोच से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

मूल्यपरक शिक्षा ही समाज को दे सकती है नई दिशा

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए सकलडीहा इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य घनश्याम पाण्डेय ने कहा कि वर्तमान समय में नैतिक मूल्यों का क्षरण चिंता का विषय है। ऐसे में महर्षि वेदव्यास पूजन जैसे आयोजन विद्यार्थियों और समाज को भारतीय संस्कृति, आदर्शों और मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने गुरु संदीपनि, आचार्य चाणक्य और रामकृष्ण परमहंस जैसे महान गुरुओं का स्मरण करते हुए आत्मचिंतन और आत्मविकास पर बल दिया।

शिक्षकों और विद्यार्थियों की रही उल्लेखनीय सहभागिता

कार्यक्रम में मंचासीन अतिथियों का स्वागत त्रिभुवन नारायण सिंह ने किया। प्रारंभ में ध्येय श्लोक एवं ध्येय वाक्य का वाचन तथा समापन पर प्रार्थना एवं कल्याण मंत्र का पाठ संजय मिश्र ने किया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन कैप्टन सत्यमूर्ति ओझा ने किया, जबकि सचिन कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

इस अवसर पर नवीन सिंह, प्रशांत पाण्डेय सहित 30 से अधिक शिक्षक तथा लगभग 250 विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरे कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, शिक्षा और गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण का संदेश प्रमुख रूप से प्रतिध्वनित हुआ।

spot_img
रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय हिंदी दैनिक समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.
लेटेस्ट पोस्ट

Chandauli news- मिड-डे मील की थाली में मिला कीड़ा, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप; जांच शुरू

बीएसए ने तत्काल बैठाई जांच, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी परिवर्तन टुडे न्यूज चंदौली। जनपद के पीडीडीयू नगर क्षेत्र...

ख़बरें यह भी

error: Content is protected !!
Enable Notifications OK No thanks