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Friday, April 17, 2026

टीईटी अनिवार्यता के विरोध में चंदौली में शिक्षकों का मशाल जुलूस

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रजनी कांत पाण्डेय
रजनी कांत पाण्डेय
मैं रजनीकांत पाण्डेय पिछले कई वर्षो से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ इस दौरान कई राष्ट्रिय समाचार पत्रों में कार्य करने के उपरान्त ख़बरों के डिजिटल माध्यम को चुना है,मेरा ख़ास उद्देश्य जन सरोकार की खबरों को प्रमुखता से उठाना है एवं न्याय दिलाना है जिसमे आपका सहयोग प्रार्थनीय है.

परिवर्तन टुडे डेस्क
चंदौली। अखिल भारतीय संयुक्त शिक्षक महासंघ के आह्वान पर जिले के शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के विरोध में सोमवार को मशाल जुलूस निकालकर नाराजगी जताई। ‘नो टेट बिफोर आरटीई एक्ट’ के नारों से पूरा परिसर गूंज उठा। जुलूस की शुरुआत पूर्व माध्यमिक विद्यालय, सदर चंदौली से हुई, जहां से शिक्षक कचहरी अंडरपास और पावर हाउस अंडरपास तक पहुंचे। इसके बाद जुलूस पुनः विद्यालय परिसर में समाप्त हुआ।

शिक्षकों का कहना है कि सर्वोच्च न्यायालय के ‘सिविल अपील संख्या 1385/2026, अंजुमन इशात-ए-तालीम ट्रस्ट बनाम महाराष्ट्र राज्य’ मामले में दिए गए निर्णय के तहत टीईटी अनिवार्यता वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के साथ अन्याय है। जुलूस में शामिल शिक्षकों ने मांग की कि लंबे समय से कार्यरत शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए और उनकी सेवा सुरक्षित की जाए।उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। मशाल जुलूस में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी व सदस्य शामिल रहे।

इनमें राम इच्छा सिंह, उपेंद्र बहादुर सिंह, आनन्द कुमार पाण्डेय, सुनील सिंह, शशि कांत गुप्त, देवेन्द्र प्रताप सिंह, गिरजेश दादा, जय कुमार सिंह, आत्म प्रकाश पाण्डेय, संजय यादव, बलिराम, रामविलास, ज्ञानचन्द्रकान्त, नवीन सिंह, सर्वेश नंदन त्रिपाठी, कन्हैयालाल गुप्ता, देवेन्द्र मौर्य सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।

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