परिवर्तन टुडे एक्सक्लूसिव: जयश्याम त्रिपाठी बोले— टिकट मिला तो चुनाव लड़ूंगा, नहीं मिला तो भाजपा प्रत्याशी को जिताऊंगा
परिवर्तन टुडे न्यूज, चन्दौली
सकलडीहा। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट के साथ सकलडीहा विधानसभा की राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी क्रम में वरिष्ठ भाजपा नेता, प्रभुपुर ग्राम सभा (विकास खंड चहनियां) के दो बार ग्राम प्रधान रहे तथा वर्ष 2022 में बसपा के टिकट पर सकलडीहा विधानसभा से चुनाव लड़कर तीसरे स्थान पर रहे जयश्याम त्रिपाठी ने परिवर्तन टुडे से विशेष बातचीत में अपनी राजनीतिक यात्रा, संगठन के प्रति निष्ठा और क्षेत्र के विकास को लेकर खुलकर अपने विचार रखे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि भारतीय जनता पार्टी उन्हें विधानसभा चुनाव का टिकट देती है तो वह पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ चुनाव लड़ेंगे। वहीं यदि पार्टी किसी अन्य कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाती है तो उसे पूर्ण बहुमत से विजयी बनाने के लिए पूरी ताकत के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उनके लिए पार्टी और संगठन का निर्णय सर्वोपरि है।
उन्होंने कहा, “मैंने कभी टिकट के लिए पार्टी के समक्ष कोई औपचारिक दावा नहीं किया है और न ही करूंगा। पार्टी जो निर्णय लेगी, वही मेरे लिए अंतिम होगा। यदि टिकट मिलेगा तो चुनाव लड़ूंगा, नहीं मिलेगा तो पार्टी जिस प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी, उसे जिताने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करूंगा।”
छात्र राजनीति से शुरू हुआ जनसेवा का सफर
जयश्याम त्रिपाठी ने बताया कि उनके सार्वजनिक जीवन की शुरुआत वर्ष 1999 में संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से हुई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले छात्रसंघ चुनाव में उन्होंने उपाध्यक्ष पद पर 345 मतों के अंतर से विजय प्राप्त की। छात्र राजनीति में मिली इस सफलता ने उन्हें जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उस समय उनकी जीत का समाचार दैनिक जागरण में भी प्रमुखता से प्रकाशित हुआ था, जो आज भी उनके राजनीतिक सफर का दस्तावेजी प्रमाण है।

ग्राम प्रधान से विधानसभा तक का सफर
छात्र राजनीति के बाद उन्होंने अपने गांव प्रभुपुर की सेवा का दायित्व संभाला और लगातार दो बार ग्राम प्रधान चुने गए। वर्ष 2022 में उन्होंने सकलडीहा विधानसभा चुनाव लड़ा। उस चुनावी अनुभव को याद करते हुए उन्होंने कहा कि सीमित समय के बावजूद क्षेत्र की जनता ने उन्हें भरपूर स्नेह और विश्वास दिया, जिसके लिए वह सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम चाहे जो रहे हों, जनता से उनका रिश्ता आज भी पहले जैसा है और आगे भी रहेगा।
खेल मैदान, चिकित्सा व्यवस्था और गंगा कटान प्रमुख मुद्दे
सकलडीहा विधानसभा की समस्याओं पर चर्चा करते हुए जयश्याम त्रिपाठी ने कहा कि क्षेत्र में खेल मैदानों का अभाव, चिकित्सा सुविधाओं को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता तथा गंगा कटान सबसे गंभीर चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि हर वर्ष गंगा किनारे बसे अनेक परिवार कटान की चपेट में आकर अपनी जमीन और आशियाना खो देते हैं। यदि इन समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए तो क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिल सकती है।
युवाओं और किसानों के हित रहेंगे सर्वोच्च प्राथमिकता
उन्होंने कहा कि युवाओं को बेहतर शिक्षा, खेल मैदान और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की आवश्यकता है। किसानों के लिए सिंचाई, मजबूत स्वास्थ्य सेवाएं तथा गंगा कटान रोकने के प्रभावी उपाय उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेंगे। उनका मानना है कि किसी भी क्षेत्र का विकास तभी संभव है, जब युवा और किसान दोनों मजबूत हों।
“जनता का था, हूं और हमेशा रहूंगा”
जनता के नाम अपना संदेश देते हुए जयश्याम त्रिपाठी ने कहा, “राजनीति मेरे लिए केवल चुनाव लड़ने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का संकल्प है। मैं जनता का था, जनता का हूं और हमेशा जनता का ही रहूंगा। क्षेत्र का कोई भी व्यक्ति किसी भी समस्या में मुझे याद करेगा तो मैं हर परिस्थिति में उसके साथ खड़ा मिलूंगा।
2027 में भाजपा की जीत का जताया विश्वास
आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2027 में सकलडीहा विधानसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी विजय प्राप्त करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में कोई अंतर नहीं है। पार्टी ने जो कहा है, उसे पूरा करने का प्रयास किया है और इसी कारण जनता का विश्वास लगातार बढ़ा है। उन्हें पूरा भरोसा है कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के सहयोग से भाजपा सकलडीहा विधानसभा में जीत दर्ज करेगी।




