सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, कजरी गीतों, सावन क्वीन प्रतियोगिता और पौधों के वितरण के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
सावन क्वीन प्रतियोगिता के साथ पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
परिवर्तन टुडे न्यूज ! प्राची राय
वाराणसी। महिला भूमिहार समाज की ओर से आयोजित सावन एवं तीज महोत्सव “आया सावन झूम के” का भव्य आयोजन कैंटोनमेंट स्थित होटल अमाया में हर्षोल्लास एवं पारंपरिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. उषा किरण राय, राज किरण राय, आशा राय एवं शकुंतला राय ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके पश्चात गणेश वंदना, पारंपरिक कजरी गीतों तथा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को सावनमय बना दिया। महिलाओं ने उत्साहपूर्वक खेल प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लेकर कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।


कार्यक्रम की संयोजिकाओं नीलू राय, अनीता राय, सरिता राय, बबिता सिंह एवं अंकिता सिंह ने सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कुशल संचालन के साथ अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का भरपूर मनोरंजन किया। कजरी गीतों की मधुर स्वर-लहरियों ने सभी को लोक संस्कृति की मिठास से सराबोर कर दिया।
महिला भूमिहार समाज की अध्यक्षा डॉ. राजलक्ष्मी राय ने अपने संबोधन में कहा कि समाज अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, सामाजिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण और संवर्धन के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सावन क्वीन’ प्रतियोगिता रही, जिसमें प्रतिभागियों ने पारंपरिक परिधान, आत्मविश्वास एवं प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सभी का मन मोह लिया।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों एवं प्रतिभागियों को उपहार स्वरूप पौधे वितरित किए गए। “धरती की खुशहाली है हरियाली” का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. राजलक्ष्मी राय, पूनम सिंह, डॉ. मंजुला चौधरी, डॉ. विजेता राय, सोनी राय, प्रतिमा राय, किरण सिंह, चंद्रकला राय, वंदना सिंह, किरण राय, रितु राय, सरोज सिंह, प्राची राय, सुमन सिंह, कुसुम सिंह, बीना सिंह, आशा राय, सविता, खुशबू, सरिता, उमा जी सहित महिला भूमिहार समाज की अनेक सम्मानित सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। सौहार्द, सांस्कृतिक गरिमा एवं पारंपरिक उल्लास से परिपूर्ण इस आयोजन की उपस्थित जनों ने मुक्त कंठ से सराहना की।



