परिवर्तन टुडे डेस्क
चंदौली। जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजकपूर ने अवगत कराया है कि जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को तेज धूप और भीषण गर्मी के प्रकोप के कारण 23 मई से 15 जून तक बंद कर दिया गया है। यह निर्णय बच्चों को अत्यधिक गर्मी से बचाने के लिए लिया गया है।
आंगनबाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालयों और अन्य सरकारी /अर्ध-सरकारी भवनों में संचालित होते हैं। इन केंद्रों पर आने वाले बच्चे प्राथमिक विद्यालय के बच्चों से भी छोटे और अधिक संवेदनशील होते हैं, और अक्सर वहां गर्मी से बचाव के पर्याप्त साधन उपलब्ध नहीं होते हैं।
विभाग ने 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए अवकाश घोषित किया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए हैं कि वे बच्चों के अभिभावकों को जागरूक करें और उन्हें विभिन्न सेवाओं का लाभ प्रदान करें।
हालांकि, ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने केंद्रों पर उपस्थित रहेंगी। उन्हें पोषण ट्रैकर पर नियमित रूप से केंद्र खोलने, आधार सत्यापन, मोबाइल नंबर सत्यापन, ई-केवाईसी, फेस कैप्चर के माध्यम से पुष्टाहार वितरण, बच्चों का वजन, गृह भ्रमण, सामुदायिक गतिविधियां, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) और अन्य शासकीय कार्यों का निष्पादन पूर्व की भांति करना होगा।
बाल विकास परियोजना अधिकारियों और मुख्य सेविकाओं को भी आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित रूप से अनुश्रवण और निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। निरीक्षण रिपोर्ट की एक प्रति पाक्षिक रूप से संबंधित कार्यालय में प्रस्तुत करनी होगी। अधिकारियों ने आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, जिसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भीषण गर्मी और लू से बचाव के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अभिभावकों के साथ बैठक कर कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देने को कहा गया है। इनमें बच्चों को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने देना और अधिक से अधिक तरल पदार्थ जैसे छाछ, मट्ठा, शिकंजी, तरबूज और खीरा का सेवन करने की सलाह देना शामिल है।
कार्यकर्ताओं को यह भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने साथ ओआरएस पैकेट या नींबू, चीनी, पानी और नमक लेकर चलें ताकि आपात स्थिति में इसका उपयोग किया जा सके।


